बीएचयू – मधुर मनोहर, अतीव सुंदर (कविता)

यह ज्ञानपथ, यह प्रेमपथ, यही कर्मपथ, कर्तव्यपथ, महामना के स्वेद से सिंचित हुआ जो धर्मरथ, गुरु त्याग के मानक जहां, शिष्य लें समर्पण की शपथ ।6। कृष्णचूड़ा की लहू-लालिमा में आल्हादित,उन्मादित यह विजयपथ, काशी की अनुपम धरोहर का यह स्वर्णिम चित्र है उद्धृत, बाबा विश्वनाथ की असीम अनुकंपा से सदैव उल्लासित यह पुण्यपथ।12। (चित्र व्हाटसप…