NO COMMUNAL VETO –NOT NOW & NEVER AGAIN

The slogans of Azadi are back. Jinnah must be recounting his Fourteen Points again in his grave. Parliament recently enacted Citizenship (Amendment) Act to provide a path to Indian citizenship for those members of Hindu, Sikh, Jain, Buddhist, Parsee and Christian religious minorities who had fled prosecution in three neighbouring Islamic Republics ( Afghanistan, Pakistan…

तेरा हलवा तुझे मुबारक -एक मूर्खतापूर्ण कविता

अब हमारे हलवा खाने पर भी ऐतराज है , सुना है हलवे के अरबी होने पर नाज़ है , जो उसने पूछा क्या यह हलवा हलाल है ? माफ कीजिये आपसे पूछा इसका मलाल है , मेरे जेहन में पर एक सवाल है , कि ऐसा भी क्या बवाल है , कि न खाते हो…

चलो ! शाहीन बाग़ चलते हैं

    कड़कड़ाती ठंड पड़ रही है आज, चलो ! शाहीन बाग़ चलते हैं, गरमा-गरम बिरयानी बंट रही होगी, थोड़ी जम कर चाँप देंगे, पाँच सौ का गांधी मिल जाए टॉप-अप में, तो आज़ादी-आज़ादी भी जाप लेंगे, गुस्से में तमतमाती कुछ सूरतें टाप लेंगे, भौंपू में भुनभुनाती धमकियाँ भाँप लेंगे, डर-सर्दी के डबल असर से…

पर्चा तो भर : कन्हैया बनाम केजरीवाल,और उसमे कपिल मिश्रा का छौंका

  कर्कश और कसैले कंठों का देशव्यापी कंपीटीशन हो जाए तो कन्हैया और केजरी में ख़िताबी भिड़ंत होगी । आखिर पीएम से कम ये दोनों किसी और को लानतें देते नहीं और उन्हे हिटलर से कम कुछ कहते नहीं  (हालांकि अब गृहमंत्री ने आधी ट्रोलिंग अपनी ओर खेञ्च ली है) । अपनी गर्दन और टांगें…

हिन्दू वोटर से इतनी नफरत क्यूँ ? : LEFT’S SCHADENFREUDE

    तुम समझो उनके द्वारा शासक को हिटलर कहने का अर्थ, वो पूछ रहे हैं नाजी (क्या हो ?) तुमसे , वोट किया क्यूँ व्यर्थ ? वो चीख-चीख कर बोल रहे हैं तुम हो बकरी-भेड़, मंदिर की चाहत में बोया है तानाशाही का पेड़ ।4।   समझ-बूझ कर (लेफ्ट की) उम्मीदों पर किया है…

कौन डरा हुआ है ? वह क्यूँ डरा हुआ है ?

    कौन डरा हुआ है ? कोई भी क्यूँ डरा हुआ है ? डराने वाली कोई घटना घटी है क्या ? क्या आजकल आधी रात को खुफिया पुलिस विरोधियों के दरवाजों पर दस्तक देकर उन्हे उठा ले जाती है ? क्या देश में आपातकाल लगा हुआ है ?   क्या देश में विपक्ष के…

विधायक विलाप – पचास करोड़ का फटका,होटल लॉबी से गिरा तो व्हिप में अटका

डेमोक्रेसी स्टॉक एक्सचेंज पर कल हमारा प्रति नग रेट पचास खोखे के आसपास चल रहा था  । आज बाज़ार में पड़ताल करोगे तो सफ़ेद कुर्ता-पैजामा पहने और गांधी टोपी सिर पर टाँगे पचासों विधायक मिल जाएंगे- अनबिके, अतृप्त । रेट सिर्फ गिरा ही नहीं , दो कौड़ी का भी नहीं रहा । कल तक टीवी…

A Longlist of Strategic Indian Meltdowns (1946-72 )

  PARTITION & KASHMIR That Jinnah was dying, Jawaharlal must have known. Dickie was his dear friend , whom he forced upon India, even as  Jinnah rudely ruled out the former’s wish to become the  First Governor-general of Independent Pakistan as well. With Jinnah gone in September 1948 , India might have bargained better in…

This Tweet as His Epitaph

  This is the tweet in question- “National integration isn’t furthered by unilaterally tearing apart J&K, imprisoning elected representatives and violating our Constitution. This nation is made by its people, not plots of land. This abuse of executive power has grave implications for our national security.”   One can enjoy the anguish of bleeding hearts…

Doctors Must Get Up & Stand Up For Their Rights

    Doctors – Lifesavers, caregivers, healers, fire-fighters, putative Gods, member of petty bourgeoisie or labour aristocracy.   Doctors do not represent an organised vote bank. They cannot sway public opinion. They cannot bring about revolutions or topple governments. If this is how less you think of Doctors, it is time to read about Sudan….

आज वोट है शहर में (कविता)

  नमस्कार बोन्धु-बांधवों, मैं अभिनव पंचोली , आज मतदान दिवस है , इस मौके पर मैं अपनी कविता पढ़ता हूँ – शीर्षक है – आज वोट है शहर में :   आज वोट है शहर में , है बंधा हुआ किसी खूँटे से हर बकरा , कोई पैसे लेकर मोल बिका है , कोई सरेंडर…