कुफ़्र-काफिर पर ऐतराज नहीं, झांट-झंटुए और *टुए पर है ? (निबंध)

परसों तक सब्र ही तोड़ते थे, कल कुफ़्र भी तोड़ दिया । सब्र का क्या है साहब । हम लोग काफिर हैं, बारह सौ साल से बुतशिकनों की नफरत खत्म होने का इंतज़ार कर रहे हैं । कश्मीर में आज भी हमारे लोग मारे जा रहे हैं । शर्म बस हमें आती नहीं । क्रिकेट…

रोनी सूरत वाले पाकिस्तान के प्रथम पैरोकार रवीश पाणे को एक हल्का हाथ

रोन्दु रवीश पाणे, बाध्यकारी विरोधाभासी, पाकहितों के स्थायी संरक्षक, एमडीटीवी । सुनो रवीश्वा, ये बात एकदमे नहीं जँचती कि तुम बरसों से एंकर की तनख्वा उठा रहे हो, एसी कमरे में बैठे-बैठे जाने कितनी कुर्सियों की गद्दियाँ फाड़ चुके हो, पर इतना भी ज्ञान नहीं रखते कि भारत सरकार ने तुम्हारे तालिबनी मामूओं को कंधार-परांत…

दिन में अमिश रहता हूँ, रात को रवीश हो जाता हूँ

रो-जर फेडरर को हार और जीत पर फूट-फूट कर रोते देखा है। स्वयं बाबा ने भी सदन में आँसू बहाये हैं। वधु की विदाई के समय बहुत से वरों के नेत्र सजल होते देखे हैं । सेकंड वेव ने ऐसा विध्वंस मचाया कि प्रधान जी की आँखेँ भी डबडबा गईं । लेकिन रोना-रोना तो रवीश…

फ़ाल्टन्यूज़ ने थूक के चाटा जब यूपी पुलिस ने मारा सच का चांटा

फ़ाल्टन्यूज़ नाम का एक गिरोह फर्जी खबरें बनाने, चलाने और सच के साथ छेदछाड़ कर नेटिज़न्स को बरगालने के काम में रिपब्लिक ऑफ ट्विटर पर अत्यधिक सक्रिय है । इस फ़ाल्टन्यूज़ को चलाने वाले दो वामपंथी दलाल – एक गंजा और किसी चिड़ियाघर से भागा एक भालू- किसी भी खबर में हेराफेरी कर उसे सत्यनिष्ठा…

JE SUIS CHARLIE: Now & Forever

“I was Charlie Hebdo” in 2015 when two jihadi brothers shot and killed their Editor, his bodyguard, four cartoonists, two columnists, a copy editor, a caretaker, a guest and a cop at their office for ‘having dared’ to publish the cartoons of the Prophet. Another lady cop and four Jews had also succumbed in a…

धिम्मी करे बलवाई की रंगाई, बाकी को पढ़ाये कानून

बीती रात शहर में जमकर बलवा हुआ, आज सुबह से सेकुलरवाद की मीठी बयार चल रही है ।2।   गयी रात उनके हाथों में हथियार थे, आज ज़ुबान पर गांधी और देश का संविधान है ।4। कल पूछ रहे थे किसकी है यह दुकान? बहुत इतरा कर जता रहे थे -किसी के बाप का नहीं…

फोकट का आउटरेज़, फ्री-फंड का एक्टिविज़्म

भर फोकट का आऊटरेज़ एसी में बैठे-बैठे, ये फ्री-फंड का एक्टिविज़्म कॉफी पीते-पीते, ट्विटर करते-करते लग जाना लड़ने-झगड़ने, बात कहते-कहते लगना जन-सबोधन करने,   सेंटीमेंटल होकर कभी-कभी गरजने-बरसने लगना, प्रायः हर मुद्दे पर ही बागी राय रखना, “सरेआम लटका दो फांसी पर ! ऐलान करना सोफ़े पर चढ़कर, कब फिसलेगी गाड़ी इनकी?   कब होगा…

THEY ARE SCARED WITH YOUR CHOICE TO WRITE

Peddling narratives is their sole right.They are scaredWith your choice to write.(3) Nevertheless, you ought to try.Keep sending manuscripts,let them deny. (6) Fill pages, burn midnight oil.Speak, write, revealon what makes your blood boil. (9) Broadcast you views.Even if they get censored,they end up making news. (12) What is wheat to you, are to them…

घुटने टिकाये सर झुकाये पुलिस अच्छी नहीं लगती

घुटने टिकाये,सर झुकाये, पुलिस अच्छी नहीं लगती, वास्तविक होती हुई भी, यह तस्वीर सच्ची नहीं लगती ।4।   जो भीड़ से माफी मांग रहे, उनपर खाकी नहीं फबती, तोड़फोड़ के तमाशबीनों पर, वर्दी एकदम नहीं जँचती ।8।   इतना ही भर गए हो ग्लानि से, तो छोड़ो डंडा ,उठाओ कमंडल, क्षमाक्षील औ’ क्षमाप्रार्थी, खोल दो…

The LOCKDOWN – Sundry,Simplistic Views

  Lockdown could have been postponed had the Government of India held protracted negotiations with the virus and bought some valuable time. (A Liberal, always dumb)   Not only is there no need for a Lockdown, its promulgation would in fact kill the economy. (A Conservative, ever hawkish & greedy)   Lockdown is a pause,…

Dhimmi , Dhimmi EVERYWHERE

Dhimmi, Dhimmi everywhere, Not a drop of Dharma. Only Rent-seekers, pole climbers, Withered away all Karma ? (4) Surrounded by an ocean wide of wilful ignorance, Ever willing to surrender, Explore the scope for compromise on matters of civilization, Apologetic , guilt-ridden, Always unsure, ever unwise. (11) A millennium of servitude has killed and buried…

माई नेम इज़ शाहरुख अनुराग मिश्रा & आई एम ए टिक टॉक आर्टिस्ट

खुद का पाणे छिपा लिया रवीश कुमार ने , पर शाहरुख के अनुराग पर नहीं रुका  । ‘बामन , कुत्ता , हाथी, नहीं जात के साथी’  वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए इस भूमिहार – ब्राह्मण ने जिस तरह मिश्रा-मिश्रा का भौंपू अपने ‘प्राइम टाइम’ प्रोपेगेंडा पर बजाया , उससे इस बात का जवाब अंततः…