इमरान, आपने घबराना नहीं है (कविता)

बीते हफ्ते तालिबान खान का दिल भर आया संयुक्त राष्ट्र में प्री-रेकॉर्डएड स्पीच चलवाया अमरीका को निरा-कृतघ्न राष्ट्र बतलाया पाकिस्तान को वार ऑन टेरर का विक्टिम दिखाया पश्चिम पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया कश्मीर के लिए इमरान को बहुत रोना आया भारत को फासीवाद की गिरफ्त में बताया देखो ,मोदी ने बातचीत को आगे…

चप्पलतंत्र से चपलतंत्र तक (व्यंग्य)

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि कैकईनन्दन भरत कहीं राजवंशी न होकर एक अफसरशाह मात्र तो न थे ? आखिर एक अधिकारी ही इतना कुशल हो सकता है कि पादुकाराज जैसे नीरस गल्प में प्रजा की आस्था को चौदह बरस तक जगाए रख सके । अजी चौदह की क्या कही , भरत…

भोजताल (कविता)

संध्या हो गई, उसे तो होना ही था सारी दीप्ति को तुझमें खोना ही था तेरे किनारे जो हम निकल आए टहलने मंद पवन में कामनाओं को मचलना ही था जाते जाते सब रंग गए बिखर जिधर भी देखूं तेरा प्रकाश फैला उधर लहरों को बहना है ऐसे ही रात भर मत्त बादल भटकेंगे कभी…

रेलगाड़ी से तो कुकुर भलो  (वैचारिक यायावरी)

पल भर के लिए इस चित्र को निहारिए । मदोन्मत्त द्रुतवाहिनी, लौहपथगामिनी, छुकछुककारिणी सुदूर सुनसान में धुआँ उड़ाए कहीं से कहीं सरपट भागे जा रही है । क्या कहा कि न गति दिखती है, न ही छुकछुक सुनाई देती है ? संभव है इसलिए कि कल्पना और उमंग उड़ान भरती हैं, रेल की पटरी पर…

Nole did Cry, but Djokovic Won’t Trade his Soul for Love

“Never plead for love, demand it.” Clark Gable is reported to have replied when asked for tips on romance. If you have to beseech for love, what you end up receiving is termed sympathy. This is not quite astrophysics. Besides, the name is not Novice, but Novak Djokovic. The Serb who survived NATO bombings on…

LET US TALK ABOUT CHINA

The Chinese value stability over the right to elect, or dump governments every five years. The CPC has evolved with decades of experience, especially after it adopted market economy as its creed in the early 1980s. Controlled development and paternalistic regulation ensure quick and effective results in China. Unlike social and legal standoffs which are…

शांत, अधीर (कविता)

प्रकाश से गहरा पाटभावनाओं सी शंकित झीलमेहंदी जैसा चढ़ा मौसमआसमां अधीरहवा, तरंगें नदारदसोई शायद मछलियाँ भीउबल उबल जाएभीतर एक ज्वालामुखीये सन्नाटा, ये शांतितब तक हीजब तक प्रेम जीवित हैफिर सिर्फ त्रासदी (12) ———————————————————————————————————————————– #hindipoem #kavita#bhopal#bhojtal #MP

क्या था बाबर और उसके बाप का ख्वाब-ए-हिंदुस्तान ?

Hotstar पर हालिया रिलीज़ हुई The Empire में बाबर को अपने वालिद मिर्ज़ा उमर शेख के ख्वाब-ए-हिंदुस्तान को बहुत शिद्दत से लेते हुए दिखाया गया है । मिर्ज़ा उमर निहायती कमजोर शासक था – उसे नर्म दिल कहकर बेइज़्ज़त किया गया है । फ़रगना उससे संभलता नहीं था, समरकन्द जीतना उसकी हैसियत से बाहर था…

पलट! पलट! (कविता)

बहुत दिन से पलटू पलटा नहीं है,पलटे बिना मगर उसका गुज़ारा नहीं है,अब पलटेगा, कब पलटेगा,कयास लगाते रहिये,बीच बीच में जाति कीहवा बनाते रहिये.जाति की राजनीति उसके मन- प्राण हैं,जाति न चले तो फिर काम तमाम है.आशा ही नहीं हमें पूर्ण विश्वास है,इसकी पलटने की इच्छा का आभास है,रोटी जब सिकती है तो पलटती ही…

Shiva Keshavan – Leander of Luge, Winter Olympian of Repute

Leander Paes is the toast of the nation, having participated in a record seven Summer Olympics. Shiva Keshavan is a virtual unknown despite having taken part in six winter editions of the Games. Average Indians might be hard-pressed at recalling even the names of the venues of these six Winter Games, but hey, in India,…

संसारपुर – हॉकी का गाँव

आबादी बमुश्किल चार हज़ार, पर हॉकी ओलम्पियनों की भरमार, जलंधर छावनी के बगल में बसा ग्राम संसारपुर, अंग्रेजों को देख-देख लड़कों को चढ़ा हॉकी का सुरूर, शहतूत की टहनी कर गई कुंडी का काम, धागों को बांध माताओं ने दिया खुद्दो का नाम, खेल ‘खुद्दो-कुंडी’ पहुँच गए एम्स्टर्डम ठाकुर चंद,         (ओलंपिक 1928) धीरे-धीरे हॉकी बन…